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प्रत्याशियों ने खर्च का हिसाब दिया, निर्वाचन टीम ने बताया लाखों रुपए का अंतर
-आयोग ने 70 लाख रुपए खर्च करने की दी थी छूट
उज्जैन। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार के लिए किए गए खर्च का ब्योरा प्रत्याशियों द्वारा निर्वाचन टीम को दे दिया गया है। हालांकि निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने उम्मीदवारों को दिए गए हिसाब और टीम के आंकलन में अंतर बताया है। भाजपा के अनिल फिरोजिया के हिसाब में 30 लाख रुपए तो कांग्रेस के बाबूलाल मालवीय के ब्यौरे में 15 लाख रुपए से ज्यादा का।
चुनाव आयोग ने इस बार प्रचार-प्रसार पर खर्च के लिए 70 लाख रुपए की राशि तय की थी, लेकिन दोनों ही दलों ने इससे भी कम पैसा खर्च किया। जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रचार-प्रसर पर खर्च के लिए अलग टीम तैनात की थी, जो हर खर्च पर नजर रख रही थी। टीम की रिपोर्ट के मुताबिक फिरोजिया की ओर से भाजपा द्वारा पेश हिसाब में 30 लाख 35 हजार 545 रुपए का अंतर आ रहा है। फिरोजिया के खर्च का हिसाब रख रहे सीए योगेश भार्गव ने बताया आयोग की टीम ने करीब 15 लाख रुपए का खर्च ऐसा भी जोड़ दिया है, जो किया नहीं गया। जिला व्यय व निगरानी समिति में वे वास्तविक खर्च की रिपोर्ट पेश कर इसे ठीक कराएंगे। कांग्रेस के मालवीय की ओर से सीए अनुभव प्रधान द्वारा खर्च का हिसाब पेश किया गया। निर्वाचन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें भी 15 लाख 10 हजार 802 रुपए का अंतर आ रहा है। यानी आयोग के हिसाब से इतना खर्च ज्यादा हुआ। हालांकि दोनों ही उम्मीदवार 60 लाख रुपए भी खर्च नहीं कर सके।
इसलिए अंतर आया…
राजनीतिक दलों के चार्टर्ड अकाउंटेंट कहते हैं दरअसल, चुनाव आयोग की टीम ने उन गाड़ियों व प्रचार सामग्रियों को भी जोड़ लिया, जो उम्मीदवार के साथ नहीं थे, लेकिन वे साथ चल रहे थे। टीम ने वीडियोग्राफी कराई और इसके आधार पर खर्च भी जोड़ दिया। वास्तविक स्थिति समिति के सामने पेश करने पर इसे सुधारा जा सकेगा।